यातायात समस्या और रोज रोज के ट्रेफिक जाम से हर कोई परेशान है। इसके समाधान के लिए, हम वर्षों से सुनते आ रहे हैं: यह होना चाहिए, वह किया जाना चाहिए, हमारे शहर को यूरोप जैसा बनाना चाहिए, अमेरिका जैसी व्यवस्थाएं होना चाहिए, सिंगापुर जैसा अनुशासन होना चाहिए...
कभी हम कहते हैं, सरकार को सख्ती करनी चाहिए, तो कभी कहते हैं कि पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार मिटाना चाहिए, सड़कें बेहतर बननी चाहिए, हर चौराहे पर फ्लाईओवर होना चाहिए…
ऐसे अनगिनत सुझावों और चर्चाओं में आजाद भारत के 78 वर्ष बीत चुके हैं। परंतु सच्चाई यह है कि यातायात की समस्या घटने के बजाय निरंतर बढ़ती जा रही है।
अब समय आ गया है कि हम केवल “किया जाना चाहिए” की भाषा से आगे बढ़ें और “मैं क्या कर सकता हूं” के भाव को अपनाएँ।
समस्या समाधान के लिए उपरोक्त जरूरी सुझावों की लंबी सूची के प्रतिपालन के साथ साथ, इस दिशा में दो बातों पर गंभीरता से विचार आवश्यक है:
1 मैं स्वयं, बगैर किसी और पर निर्भर होते हुए अपनी व्यक्तिगत हैसियत में क्या कर सकता हूँ जिससे यातायात में सुधार हो।
2 यातायात की गम्भीर समस्या को कम करने हेतु मुझे क्या करना चाहिए।
जब प्रत्येक नागरिक इन दो प्रश्नों के उत्तर अपने भीतर खोज लेगा और उन पर अमल करेगा, तभी सड़कों पर अनुशासन, व्यवस्था और सुरक्षा का वास्तविक परिवर्तन दिखाई देगा। जो हमें इस समस्या के स्थाई और प्रभावी हल के मार्ग पर ले जायेगा।
बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा के पहले तक ‘वोट चोरी’ ( एसआईआर, यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का जो मुद्दा जोर शोर से उठा और चुनाव प्रचार के दौरान लगभग…
पर्युषण के कई अर्थ अलग-अलग बताए गए हैं आत्मनिरीक्षण, आत्म साधना, विकारों का नाश यानी अपनी आत्मा के साथ रहना या यू कहो आत्मा के पास रहना। बरसों पूर्व से…
मियां गालिब कह गए हैं कि ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले..।‘ ऐसे में अगर मनमौजी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शांति का नोबेल प्राइज पाने की…
देश में अब जो हो रहा है, वो मानो ‘आॅपरेश सिंदूर पार्ट- टू’ है। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकी और हवाई ठिकानों को ध्वस्त कर अपनी सैनिक श्रेष्ठता और पराक्रम…
भारतीय सेना ने पहलगाम की बैसरन घाटी में भारत की बेटियों का सुहाग उजाड़ने वाले निर्मम आतंकियों के खात्मे का ‘आॅपरेशन सिंदूर’ अंजाम देकर न सिर्फ जबर्दस्त बदला लिया है,…
सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल में विधानसभाअों द्वारा पारित विधेयको को सम्बन्धित राज्यपालों द्वारा अनंत काल तक रोक कर ‘पाॅकेट वीटो’ करने की प्रवृत्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय…
मप्र के छतरपुर जिले के गढ़ा ग्राम स्थित बागेश्वर धाम के स्वयंभू पीठाधीश पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपने इलाके में ‘पहला हिंदू ग्राम’ बसाने का ऐलान कर नई बहस को…